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इकोस्प्रिन 75 कैसे लें

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इकोस्प्रिन 75 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने लिखी है या पैक पर छपा है। खुराक और आपको यह कितने समय तक लेनी है, यह आपके डॉक्टर तय करते हैं।

इकोस्प्रिन 75 (Ecosprin 75): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स

सक्रिय घटक
एस्पिरिन 75 mg
दवा का प्रकार
एंटीप्लेटलेट दवाएँ
किसमें इस्तेमाल होती है
दिल के दौरे और स्ट्रोक से बचाव
असर शुरू होता है
कुछ घंटों में प्लेटलेट्स पर असर; पूरा असर रोज़ की खुराक से कुछ दिनों में बनता है
असर रहता है
हर खुराक प्लेटलेट्स पर उनके पूरे जीवन (7 से 10 दिन) तक असर करती है; नए प्लेटलेट्स बनते रहते हैं, इसलिए रोज़ ली जाती है
खाने के साथ या बिना
पानी के साथ पूरा निगलें; खाने के साथ लेने के बारे में लेबल या डॉक्टर की सलाह मानें
शराब
कम से कम लें; शराब से पेट में ख़ून बहने का ख़तरा बढ़ता है
गर्भावस्था
केवल डॉक्टर की सलाह पर
आदत बनाने वाली
नहीं
निर्माता
यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड

फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।

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इस पेज पर
  1. इकोस्प्रिन 75 कैसे लें
  2. किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
  3. इकोस्प्रिन 75 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
  4. अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
  5. आम सवाल

इकोस्प्रिन 75 कैसे लें

इकोस्प्रिन 75 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने लिखी है या पैक पर छपा है। खुराक और आपको यह कितने समय तक लेनी है, यह आपके डॉक्टर तय करते हैं।

  • इसे आम तौर पर दिन में एक बार, हर दिन लगभग एक ही समय पर लिया जाता है।
  • टैबलेट को एक गिलास पानी के साथ पूरा निगलें। इसे कुचलें, चबाएँ या तोड़ें नहीं, क्योंकि कोटिंग पेट की रक्षा करती है।
  • इसे खाने के साथ या खाने के बाद लेना है, इसके लिए लेबल या डॉक्टर की सलाह मानें।
  • अगर कोई खुराक छूट जाए, तो याद आते ही ले लें। अगर अगली खुराक का समय लगभग हो गया हो, तो छूटी हुई खुराक छोड़ दें। दो खुराकें एक साथ न लें।
  • इसकी अक्सर लंबे समय तक, कभी-कभी जीवन भर, ज़रूरत होती है। इसे अपने मन से बंद न करें; पहले डॉक्टर से बात करें, क्योंकि बंद करने से थक्का बनने का ख़तरा बढ़ सकता है।
  • यह 16 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए नहीं है, जब तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर न लिखे, क्योंकि एस्पिरिन का संबंध रेये सिंड्रोम नाम की एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी से है।
  • इसे दर्द या बुख़ार के लिए इस्तेमाल न करें। 75 मि.ग्रा. पर यह दर्द में बहुत कम मदद करती है, और कोटिंग इसके असर में देर करती है।

किन्हें सावधानी रखनी चाहिए

कुछ लोगों को कम खुराक वाली एस्पिरिन लेने से पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए, या इसे लेते समय अतिरिक्त सावधानी की ज़रूरत होती है।

जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए

  • एस्पिरिन, दूसरे सैलिसिलेट, NSAID दर्द निवारक दवाओं या गोली के किसी भी घटक से एलर्जी, जिसमें इन्हें लेने के बाद पहले कभी दमा (अस्थमा) का दौरा, घरघराहट, नाक बहना या शरीर पर चकत्ते (पित्ती) होना भी शामिल है
  • अभी पेट या आंत के शुरुआती हिस्से (ग्रहणी) में छाला / अल्सर होना, या पहले बार-बार छाले होना या पेट अथवा आंत से खून बहना
  • कहीं और से खून बहना, जैसे दिमाग में खून बहना
  • खून बहने की कोई बीमारी, जैसे हीमोफीलिया, या प्लेटलेट्स कम होना
  • गठिया (गाउट)
  • जिगर की गंभीर बीमारी
  • गुर्दे की गंभीर बीमारी
  • गर्भावस्था के आखिरी तीन महीने, जब खुराक रोज़ 100 मिलीग्राम से ज़्यादा हो
  • हफ्ते में 15 मिलीग्राम से ज़्यादा मेथोट्रेक्सेट का इलाज चल रहा हो
  • अभी या पहले कभी पेट या ड्यूओडेनम का अल्सर, या पहले कभी पेट या आँतों से ख़ून बहना
  • हीमोफ़ीलिया जैसा ख़ून बहने का कोई विकार, या प्लेटलेट्स की कम संख्या
  • अस्थमा, नाक में पॉलिप्स, या पहले कभी एस्पिरिन, आइबुप्रोफ़ेन या किसी दूसरी NSAID दवा से प्रतिक्रिया, जैसे घरघराहट, दाने या सूजन
  • ऐसा हाई ब्लड प्रेशर जो नियंत्रण में न हो
  • गाउट (जोड़ों की एक तरह की सूजन): कम खुराक वाली एस्पिरिन यूरिक एसिड बढ़ा सकती है और दौरा ला सकती है
  • गंभीर लिवर या गुर्दे की बीमारी
  • बढ़ती उम्र: बुज़ुर्गों में पेट से ख़ून बहने की संभावना ज़्यादा होती है
  • कोटिंग से पेट में ख़ून बहने का ख़तरा ख़त्म नहीं होता, क्योंकि एस्पिरिन ख़ून के ज़रिए भी पेट की अंदरूनी परत पर असर करती है
  • सर्जरी या दाँतों का इलाज, जिसमें दाँत निकलवाना भी शामिल है: सर्जन या दंत चिकित्सक को बताएँ कि आप एस्पिरिन लेते हैं। इसे अपने मन से बंद न करें; इसे कुछ समय रोकना है या नहीं, यह आपके डॉक्टर तय करेंगे
  • बुख़ार, ख़ासकर डेंगू के मौसम में: डॉक्टर को दिखाएँ और बताएँ कि आप एस्पिरिन लेते हैं, क्योंकि डेंगू में एस्पिरिन से बचा जाता है
  • 16 साल से कम उम्र के बच्चे और किशोर: एस्पिरिन का संबंध रेये सिंड्रोम से है
  • गर्भावस्था या स्तनपान: गर्भावस्था में कभी-कभी कम खुराक वाली एस्पिरिन लिखी जाती है, लेकिन केवल डॉक्टर की सलाह पर; ज़्यादा खुराक से बचा जाता है, ख़ासकर 20 हफ़्ते से

इकोस्प्रिन 75 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें

कई दवाएँ एस्पिरिन के साथ लेने पर ख़ून बहने का ख़तरा बढ़ाती हैं, और एस्पिरिन कुछ दूसरी दवाओं के काम करने का तरीक़ा बदलती है। आप जो भी दवा, जड़ी-बूटी या सप्लीमेंट लेते हैं, उसके बारे में डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट को बताएँ।

  • ख़ून पतला करने वाली दवाएँ (एंटीकोएगुलेंट), जैसे वारफ़रिन, एसीनोकूमारोल, हेपरिन, रिवारोक्साबान या एपिक्साबान: गंभीर रूप से ख़ून बहने का ख़तरा ज़्यादा होता है। इन्हें साथ में केवल तभी लें जब डॉक्टर ने दोनों लिखी हों
  • दूसरी एंटीप्लेटलेट दवाएँ, जैसे क्लोपिडोग्रेल, प्रासुग्रेल या टिकाग्रेलोर: अक्सर जान-बूझकर साथ में लिखी जाती हैं, जैसे स्टेंट के बाद, लेकिन ख़ून बहने की संभावना ज़्यादा होती है
  • NSAID दर्द निवारक दवाएँ, जैसे आइबुप्रोफ़ेन, डाइक्लोफ़ेनैक, नेप्रोक्सेन या मेफ़ेनामिक एसिड: पेट में अल्सर और ख़ून बहने का ख़तरा ज़्यादा। नियमित रूप से ली गई आइबुप्रोफ़ेन प्लेटलेट्स पर एस्पिरिन का असर भी कम कर सकती है। पैरासिटामोल आम तौर पर कम खुराक वाली एस्पिरिन के साथ ली जा सकती है; फ़ार्मासिस्ट से पूछें
  • SSRI नाम की अवसाद-रोधी दवाएँ, जैसे सर्ट्रालीन या पैरोक्सेटीन, और प्रेडनिसोलोन जैसी स्टेरॉयड गोलियाँ: पेट से ख़ून बहने का ख़तरा ज़्यादा
  • मेथोट्रेक्सेट: एस्पिरिन मेथोट्रेक्सेट का स्तर बढ़ा सकती है; हफ़्ते में 15 मि.ग्रा. से ज़्यादा मेथोट्रेक्सेट के साथ इसे बिल्कुल नहीं लेना चाहिए
  • ब्लड प्रेशर और दिल की कुछ दवाएँ, जैसे ACE इनहिबिटर और पेशाब बढ़ाने वाली गोलियाँ (डाइयूरेटिक): एस्पिरिन उनका असर कम कर सकती है और, ख़ासकर शरीर में पानी की कमी होने पर, गुर्दों पर दबाव डाल सकती है
  • लिथियम, डिगॉक्सिन और वैल्प्रोएट: एस्पिरिन इनका स्तर बढ़ा सकती है
  • सल्फ़ोनिलयूरिया नाम की डायबिटीज़ की दवाएँ, जैसे ग्लिमेपिराइड: ब्लड शुगर उम्मीद से ज़्यादा गिर सकती है
  • शराब: पेट से ख़ून बहने का ख़तरा बढ़ाती है

अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो

गलती से एक अतिरिक्त टैबलेट लेने से नुक़सान होने की संभावना कम है। एस्पिरिन की ज़्यादा मात्रा ख़तरनाक हो सकती है, जिससे कानों में घंटी जैसी आवाज़, उल्टी, तेज़ साँस, भ्रम और गंभीर मामलों में दौरे (फ़िट्स) हो सकते हैं। अगर किसी ने, ख़ासकर किसी बच्चे ने, लिखी गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएँ और दवा का पैक साथ ले जाएँ।

आम सवाल

मुझे इकोस्प्रिन 75 रोज़ क्यों लेनी पड़ती है?

हर खुराक उस समय ख़ून में मौजूद प्लेटलेट्स को रोकती है, और यह असर उनके 7 से 10 दिन के जीवन तक रहता है। लेकिन आपका शरीर हर दिन नए प्लेटलेट्स बनाता है, इसलिए रोज़ की खुराक उनमें से काफ़ी को कम चिपचिपा रखती है, ताकि थक्का बनने का ख़तरा कम रहे।

क्या मैं इकोस्प्रिन 75 लेना बंद कर सकता/सकती हूँ?

अपने मन से बंद न करें, भले ही आप ठीक महसूस करें। जिन लोगों को दिल का दौरा, स्ट्रोक या स्टेंट हो चुका है, उनमें इसे बंद करने से थक्का बनने का ख़तरा बढ़ सकता है। अगर आपको साइड इफेक्ट्स हों या ऑपरेशन करवाना हो, तो पहले डॉक्टर से बात करें।

क्या मैं इकोस्प्रिन 75 के साथ कोई दर्द निवारक दवा ले सकता/सकती हूँ?

पैरासिटामोल आम तौर पर कम खुराक वाली एस्पिरिन के साथ ली जा सकती है। आइबुप्रोफ़ेन, डाइक्लोफ़ेनैक या नेप्रोक्सेन जैसी NSAID दर्द निवारक दवाएँ पेट से ख़ून बहने का ख़तरा बढ़ाती हैं, और नियमित आइबुप्रोफ़ेन एस्पिरिन का असर कम कर सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इनसे बचें। कोई भी दर्द निवारक दवा ख़रीदने से पहले फ़ार्मासिस्ट से पूछें।

इकोस्प्रिन 75 खाने से पहले लें या बाद में?

लेबल या अपने डॉक्टर की सलाह मानें। टैबलेट को हर दिन लगभग एक ही समय पर एक गिलास पानी के साथ पूरा निगलें। इसे कुचलें या चबाएँ नहीं, क्योंकि कोटिंग इसलिए है कि दवा पेट में नहीं, बल्कि आँत में निकले।

स्रोत

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  2. Aspirin: medicine for pain relief or preventing blood clots. NHS (UK)
  3. Aspirin for Reducing Your Risk of Heart Attack and Stroke: Know the Facts. US Food and Drug Administration
  4. Aspirin. StatPearls, National Center for Biotechnology Information (NCBI), US National Library of Medicine
  5. Plavix (clopidogrel): EPAR medicine overview. European Medicines Agency
  6. Heart attack. NHS (UK)
  7. Stroke: symptoms. NHS (UK)
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  9. List of drugs prohibited for manufacture and sale through gazette notifications under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
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  12. Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana. Pharmaceuticals & Medical Devices Bureau of India
  13. S.O. 1575(E), 25 March 2026: revision of ceiling prices of 767 scheduled formulations under NLEM 2022 (annual WPI revision). National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA), Government of India
  14. National List of Essential Medicines 2022 (section 10.5.1, Acetylsalicylic acid). Ministry of Health and Family Welfare, Government of India (copy hosted by CDSCO)