एज़िथ्रल 500 कैसे लें
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एज़िथ्रल 500 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने लिखा है या पैक पर छपा है। खुराक और कितने दिन लेनी है, यह इलाज किए जा रहे संक्रमण पर निर्भर करता है।
एज़िथ्रल 500 (Azithral 500): उपयोग, यह कैसे काम करती है, साइड इफेक्ट्स
- सक्रिय घटक
- एज़िथ्रोमाइसिन 500 mg
- दवा का प्रकार
- मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक
- किसमें इस्तेमाल होती है
- त्वचा के बैक्टीरियल संक्रमण, श्वसन तंत्र के संक्रमण
- असर शुरू होता है
- कई संक्रमणों में कुछ दिनों में सुधार शुरू होता है
- असर रहता है
- शरीर में कई दिन तक रहती है; आम तौर पर दिन में एक बार
- खाने के साथ या बिना
- पैक या डॉक्टर की सलाह मानें; अलग-अलग लेबल में सलाह अलग है
- शराब
- कोई सीधा असर ज्ञात नहीं; चक्कर आएँ तो न पिएँ
- गर्भावस्था
- अपने डॉक्टर से पूछें
- आदत बनाने वाली
- नहीं
- निर्माता
- एलेम्बिक फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड
फ़ार्मासिस्ट समीक्षा जारी है। यह पेज नीचे दिए गए स्रोतों पर आधारित है और हमारे पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट इसकी जाँच कर रहे हैं।
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एज़िथ्रल 500 कैसे लें
एज़िथ्रल 500 ठीक वैसे ही लें जैसे आपके डॉक्टर ने लिखा है या पैक पर छपा है। खुराक और कितने दिन लेनी है, यह इलाज किए जा रहे संक्रमण पर निर्भर करता है।
- इसे आम तौर पर दिन में एक बार, रोज़ लगभग एक ही समय पर लिया जाता है। कोर्स अक्सर छोटे होते हैं, जैसे 3 दिन, लेकिन कितने दिन लेनी है यह आपके डॉक्टर तय करते हैं।
- कुछ लेबल के अनुसार इसे खाने के साथ या बिना लिया जा सकता है; कुछ खाने से 1 घंटा पहले या 2 घंटे बाद लेने की सलाह देते हैं। पैक या डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
- टैबलेट को एक गिलास पानी के साथ पूरा निगलें।
- अपच के लिए एंटासिड इसके साथ एक ही समय पर न लें। आम तौर पर एंटासिड से कम से कम 1 घंटा पहले या 2 घंटे बाद लेने का अंतर रखा जाता है।
- डॉक्टर ने जो पूरा कोर्स लिखा है वह लें, भले ही आप जल्दी बेहतर महसूस करें। जल्दी बंद करने से संक्रमण लौट सकता है और बैक्टीरिया प्रतिरोधी बन सकते हैं।
- अगर कोई खुराक छूट जाए, तो याद आते ही ले लें, जब तक कि अगली खुराक का समय क़रीब न हो। दो खुराक एक साथ न लें।
- अगर 3 दिन बाद भी बेहतर महसूस न हो, या कभी भी हालत बिगड़े, तो अपने डॉक्टर को बताएँ।
- बची हुई गोलियाँ किसी दूसरी बीमारी के लिए न रखें, न किसी को दें। हर संक्रमण के लिए डॉक्टर की जाँच ज़रूरी है।
- बच्चों की खुराक शरीर के वज़न पर आधारित होती है और आम तौर पर सिरप के रूप में दी जाती है। यह 500 मि.ग्रा. टैबलेट छोटे बच्चों के लिए नहीं है, जब तक डॉक्टर न लिखें।
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
एज़िथ्रोमाइसिन सबके लिए उपयुक्त नहीं है। इसे लेने से पहले अपनी बीमारियों और दूसरी दवाओं के बारे में डॉक्टर को बताएँ।
जब लेबल के अनुसार इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
- एज़िथ्रोमाइसिन, एरिथ्रोमाइसिन या किसी दूसरी मैक्रोलाइड या कीटोलाइड एंटीबायोटिक से एलर्जी
- एज़िथ्रोमाइसिन लेने के दौरान पहले कभी पीलिया (जॉन्डिस) या जिगर (लिवर) को नुकसान हुआ हो
- यह केवल बैक्टीरियल संक्रमणों का इलाज करती है। यह सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू, ज़्यादातर खाँसी या दूसरे वायरल संक्रमणों में काम नहीं करती, और ज़रूरत न होने पर इसे लेने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ता है
- एज़िथ्रोमाइसिन या एरिथ्रोमाइसिन, क्लैरिथ्रोमाइसिन जैसी दूसरी मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक से पहले हुई एलर्जी
- दिल की धड़कन की समस्या, लंबा QT इंटरवल, धीमी धड़कन, हार्ट फ़ेल्योर, या पोटैशियम या मैग्नीशियम की कमी: एज़िथ्रोमाइसिन कभी-कभार ख़तरनाक अनियमित धड़कन कर सकती है, और बुज़ुर्गों में ख़तरा ज़्यादा हो सकता है
- लिवर की बीमारी, या पहले एज़िथ्रोमाइसिन लेने के बाद लिवर की समस्या
- किडनी की गंभीर बीमारी
- मायस्थीनिया ग्रेविस: एज़िथ्रोमाइसिन मांसपेशियों की कमज़ोरी बढ़ा सकती है
- पहले एंटीबायोटिक लेते समय दस्त होना
- गर्भावस्था: संक्रमण का इलाज ज़रूरी हो तो एज़िथ्रोमाइसिन ली जा सकती है, लेकिन कुछ संक्रमणों के लिए दूसरी एंटीबायोटिक बेहतर हो सकती है, इसलिए फ़ैसला डॉक्टर करेंगे
- स्तनपान: थोड़ी मात्रा माँ के दूध में जाती है। शिशु में दस्त, उल्टी, चकत्ते या थ्रश (फंगल संक्रमण) पर ध्यान दें, और दिखें तो डॉक्टर को बताएँ
- एंटीबायोटिक के कोर्स के दौरान या बाद में थ्रश (मुँह या योनि का फंगल संक्रमण) हो सकता है; ऐसा हो तो फ़ार्मासिस्ट या डॉक्टर से पूछें
- चक्कर: अगर एज़िथ्रोमाइसिन से चक्कर आएँ तो गाड़ी न चलाएँ और मशीनें न चलाएँ
एज़िथ्रल 500 के साथ असर डालने वाली दवाएँ और चीज़ें
कुछ दवाएँ एज़िथ्रोमाइसिन के काम करने के तरीक़े को बदल सकती हैं या दिल की धड़कन पर इसके असर को बढ़ा सकती हैं। जड़ी-बूटी वाली दवाओं और सप्लीमेंट समेत आप जो कुछ भी लेते हैं, वह सब डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट को बताएँ।
- एल्युमिनियम या मैग्नीशियम वाले एंटासिड: इन्हें एज़िथ्रोमाइसिन के साथ एक ही समय पर न लें
- दिल की धड़कन पर असर डालने वाली दवाएँ, जैसे एमियोडेरोन, सोटालोल, सिटालोप्राम, कुछ एंटीसाइकोटिक, डॉम्पेरिडोन, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन, क्लोरोक्विन और मॉक्सीफ़्लॉक्सासिन जैसी कुछ दूसरी एंटीबायोटिक: अनियमित धड़कन का ख़तरा ज़्यादा
- वारफ़रिन और डैबिगाट्रान, एडोक्साबान जैसी दूसरी ख़ून पतला करने वाली दवाएँ: इनका असर बढ़ सकता है, इसलिए डॉक्टर ख़ून के थक्के की जाँच ज़्यादा बार करवा सकते हैं
- डिगॉक्सिन और कोल्चिसिन: ख़ून में इनका स्तर बढ़ सकता है
- सिक्लोस्पोरिन और टैक्रोलिमस (रोग-प्रतिरोधक प्रणाली को दबाने वाली दवाएँ): इनके स्तर की जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है
- एर्गोटामिन या डाइहाइड्रोएर्गोटामिन (माइग्रेन की दवाएँ): इन्हें एज़िथ्रोमाइसिन के साथ नहीं लेना चाहिए
- सिम्वास्टैटिन और एटोर्वास्टैटिन जैसी स्टैटिन: बिना वजह मांसपेशियों में दर्द हो तो डॉक्टर को बताएँ
- नेल्फ़िनाविर (HIV की दवा): एज़िथ्रोमाइसिन का स्तर बढ़ाती है, इसलिए डॉक्टर लिवर और सुनने से जुड़े साइड इफ़ेक्ट पर नज़र रख सकते हैं
- जड़ी-बूटी वाली दवाएँ और सप्लीमेंट: इनके साथ सुरक्षित होने की पर्याप्त जानकारी नहीं है, इसलिए डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट को बताएँ
अगर किसी ने ज़्यादा ले ली हो
ज़्यादा एज़िथ्रोमाइसिन लेने से मुख्य रूप से जी मिचलाना, उल्टी और दस्त जैसे साइड इफ़ेक्ट ज़्यादा होते हैं, और इसका कोई ख़ास एंटीडोट नहीं है। ग़लती से एक अतिरिक्त खुराक लेने से गंभीर नुकसान की संभावना कम है। अगर किसी ने बताई गई मात्रा से बहुत ज़्यादा ले ली हो, या तबीयत ख़राब लगे, तो 112 पर कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल जाएँ और दवा का पैक साथ ले जाएँ।
आम सवाल
एज़िथ्रल 500 अक्सर केवल 3 दिन के लिए क्यों दी जाती है?
एज़िथ्रोमाइसिन ऊतकों में जमा होती है और शरीर से धीरे-धीरे निकलती है; खुराक के लगभग 3 दिन बाद भी इसका लगभग आधा हिस्सा शरीर में रहता है। इसलिए आख़िरी गोली के बाद भी कई दिन तक इसका असर रहता है। हर संक्रमण के लिए कोर्स की अवधि डॉक्टर चुनते हैं, इसलिए उसका ठीक-ठीक पालन करें।
क्या बेहतर महसूस होने पर एज़िथ्रल 500 बंद कर सकते हैं?
डॉक्टर ने जो पूरा कोर्स लिखा है वह लें, भले ही आप जल्दी बेहतर महसूस करें। जल्दी बंद करने से संक्रमण लौट सकता है और बैक्टीरिया प्रतिरोधी बन सकते हैं। अगर साइड इफ़ेक्ट परेशान करें, तो ख़ुद बंद करने के बजाय डॉक्टर से बात करें। 3 दिन बाद भी बेहतर न हों तो डॉक्टर को बताएँ।
एज़िथ्रल 500 खाने से पहले लें या बाद में?
अलग-अलग लेबल में सलाह अलग है। अमेरिकी लेबल के अनुसार गोलियाँ खाने के साथ या बिना ली जा सकती हैं, जबकि NHS खाने से 1 घंटा पहले या 2 घंटे बाद लेने की सलाह देता है। अपने पैक पर लिखे निर्देश या डॉक्टर की सलाह का पालन करें, और एंटासिड को खुराक से अलग समय पर लें।
क्या एज़िथ्रल 500 लेते समय शराब पी सकते हैं?
शराब का एज़िथ्रोमाइसिन से कोई सीधा असर ज्ञात नहीं है। लेकिन यह चक्कर और पेट की गड़बड़ी बढ़ा सकती है, जो इस दवा के संभावित साइड इफ़ेक्ट हैं। अगर दवा से चक्कर आएँ या जी मिचलाए तो शराब से बचें, और संदेह हो तो डॉक्टर से पूछें।
क्या अगली बार बीमार होने पर बची हुई एज़िथ्रल गोलियाँ ले सकते हैं?
नहीं। हर संक्रमण के लिए डॉक्टर की जाँच ज़रूरी है, और अगली बार एज़िथ्रोमाइसिन सही दवा न हो, या उसकी ज़रूरत ही न हो। बची हुई एंटीबायोटिक लेने या दूसरों को देने से सही इलाज में देर हो सकती है और एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ता है। बची हुई गोलियों को सुरक्षित तरीक़े से फेंकने के बारे में फ़ार्मासिस्ट से पूछें।
स्रोत
- ZITHROMAX (azithromycin) tablets and oral suspension: full prescribing information. Pfizer, US FDA-approved labeling
- Azithromycin. StatPearls, National Center for Biotechnology Information (NCBI), US National Library of Medicine
- Azithromycin: an antibiotic to treat bacterial infections. NHS (UK)
- How and when to take azithromycin. NHS (UK)
- Side effects of azithromycin. NHS (UK)
- Who can and cannot take azithromycin. NHS (UK)
- Taking azithromycin with other medicines and herbal supplements. NHS (UK)
- Pregnancy, breastfeeding and fertility while taking azithromycin. NHS (UK)
- Common questions about azithromycin. NHS (UK)
- Antibiotics. NHS (UK)
- Drugs prohibited under section 26A of the Drugs & Cosmetics Act 1940: status as on 22.11.2021. Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- Fixed Dose Combinations (including list of 156 prohibited FDCs dated 02.08.2024). Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO)
- National Formulary of India. Indian Pharmacopoeia Commission
- Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana. Pharmaceuticals & Medical Devices Bureau of India
- S.O. 1575(E), 25 March 2026: revision of ceiling prices of 767 scheduled formulations under NLEM 2022 (annual WPI revision). National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA), Government of India
- National List of Essential Medicines 2022 (section 6.2.2.1, Azithromycin). Ministry of Health and Family Welfare, Government of India (copy hosted by CDSCO)
